नवरात्रि साल में चार बार मनाई जाती है जिसमें दो बार प्रत्यक्ष नवरात्रि और दो बार गुप्त नवरात्रि आती है, लेकिन ज्यादातर लोग प्रत्यक्ष यानि चैत्र और शारदीय नवरात्रि को ही मनाते है।
गुप्त नवरात्रि का अर्थ
आषाढ़ और माघ में आने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि नाम दिया गया है, क्योंकि इसमें गुप्त विद्याओं की सिद्धि के लिए साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधनाओं का महत्व होता है जिन्हें गुप्त रूप से किया जाता है इसलिए यह गुप्त नवरात्रि कहलाती हैं। इसमें अघोरी तांत्रिक गुप्त महाविद्याओं को सिद्ध करने लिए विशेष पूजा करते है साथ ही यह मोक्ष की कामना के लिए भी यह महत्वपूर्ण मानी जाती है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि में जहां नौ शक्तियों की पूजा की जाती है वहीं गुप्त नवरात्रि में दस देवियों की पूजा की जाती है। प्रत्यक्ष नवरात्रि की देवी मां पार्वती मानी जाती है और गुप्त नवरात्रि की देवी मां काली हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि 2026
आरंभ (प्रतिपदा तिथि):
19 जनवरी 2026, सोमवार सुबह 01:21 बजे सेसमापन:
28 जनवरी 2026, बुधवार (नवरात्रि पारण)
घटस्थापना (कलश स्थापना) शुभ मुहूर्त:
19 जनवरी 2026 को सुबह 07:14 से 10:46 बजे तक
अभिजित मुहूर्त:
19 जनवरी 2026 दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 तारीख
प्रतिपदा तिथि समय
प्रतिपदा तिथि शुरू – 14 जुलाई 2026 सायं ~03:12 बजे से
प्रतिपदा तिथि समाप्त – 15 जुलाई 2026 प्रातः ~11:50 बजे तक
(उदय-तिथि के अनुसार नवरात्रि प्रारंभ 15 जुलाई को मानी जाती है)
माघ गुप्त नवरात्रि की तिथियां
| प्रथम (प्रतिपदा) | 19 जनवरी 2026 | सोमवार |
| द्वितीया | 20 जनवरी 2026 | मंगलवार |
| तृतीया | 21 जनवरी 2026 | बुधवार |
| चतुर्थी | 22 जनवरी 2026 | गुरुवार |
| पंचमी | 23 जनवरी 2026 | शुक्रवार |
| षष्ठी | 24 जनवरी 2026 | शनिवार |
| सप्तमी | 25 जनवरी 2026 | रविवार |
| अष्टमी | 26 जनवरी 2026 | सोमवार |
| नवमी | 27 जनवरी 2026 | मंगलवार |
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 (जुलाई)
| प्रथम (प्रतिपदा) | 15 जुलाई 2026 | बुधवार |
| द्वितीया | 16 जुलाई 2026 | गुरुवार |
| तृतीया | 17 जुलाई 2026 | शुक्रवार |
| चतुर्थी | 18 जुलाई 2026 | शनिवार |
| पंचमी | 19 जुलाई 2026 | रविवार |
| षष्ठी | 20 जुलाई 2026 | सोमवार |
| सप्तमी | 21 जुलाई 2026 | मंगलवार |
| अष्टमी | 22 जुलाई 2026 | बुधवार |
| नवमी | 23 जुलाई 2026 | गुरुवार |

