दुर्गा जी की आरती : जय अम्बे गौरी
माँ दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी। मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को, उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥…
माँ दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी। मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को, उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥…
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।। जय… एक दंत दयावंत चार भुजा धारी। माथे सिन्दूर सोहे मूसे की सवारी ।। जय… अंधन को आँख…