नरक चतुर्दशी की तारीख व मुहूर्त-
नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली/रूप चौदस) रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन अभ्यंग स्नान का विशेष महत्व है।
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: शनिवार, 7 नवंबर 2026 — सुबह 10:47 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त: रविवार, 8 नवंबर 2026 — सुबह 11:27 बजे
अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त: सुबह 5:41 से 6:38 तक
कुल अवधि : 57 मिनट
नरक चतुर्दशी की पूजा विधि व नरकचतुर्थी पर दीपदान : नरक चतुर्दशी को सांयकाल दीपदान करना चाहिए। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार प्रदोष काल में ब्रम्हा, भगवान विष्णु और शिव जी के मंदिर में, मठों, अस्त्रागारों, नदियों, भवनों, उद्यानों, कूपों, चामुण्डा, भैरव के मंदिरो में, घुड़शाल, गजशाल आदि सभी जगह दीपदान करना चाहिए। दीपदान के समय निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए :
दत्तो दीपश्चतुर्दश्यां नरकप्रीतये मया।
चतुर्वर्तिसमायुक्तः सर्वपापापनुत्तये।।
दीपदान के लिए दीपक चार बत्तियों वाला होना चाहिए। व्रतराज के अनुसार इस दिन सायंकाल को घर की दक्षिण दिशा में दीपदान करने से व्यक्ति के लिए यम का मार्ग अंधकार से मुक्त हो जाता है। संत कुमार संहिता के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को सांयकाल को घर की दक्षिण दिशा में दीपदान करने से नरक में पड़े पितरों को भी स्वर्ग का मार्ग दिखता है और उनकी नरक से मुक्ति हो जाती है। भगवान विष्णु ने राजा बलि से कहा था कि नरकचतुर्दशी को सूर्यास्त के बाद घर एवं व्यावसायिक स्थल पर दीपमाला का प्रज्वलन करना चाहिए। दीपमाला में तेल के दीपकों को प्रयोग में लाना चाहिए। ऐसा करने से उस स्थान पर लक्ष्मी जी का स्थायी निवास होता है।

