भगवान शिव जी की आरती

भगवान शिव जी की आरती

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भगवान शिव जी की आरती – शिव जी की पूजा सोमवार को की जाती है, इन्हें भोले नाथ भी कहते हैं। इन भगवान को सफेद रंग के फूल पसंद है गाजे की पत्ती, बेल की पत्ती, धतूरा आदि चीजें भी इन्हें पसंद है। इन भगवान जी को लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। पंचामृत और जल से इनका अभिषेक किया जाता है। घी का दीपक जलाकर इनकी आरती करनी चाहिए।

शिव जी की आरती

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥

अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक ब्राह्मादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥

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